जय हो भारत माता ,तेरा ही अर्चन हो |
ये धरा महक जाये ,मेरा देश सुगन्धा हो ||
मेरे मन लहरों की ,बस एक तमन्ना है
जब मौत मेरी आये, मेरा ध्वजा तिरंगा हो |
जय हो भारत माता ,तेरा ही अर्चन हो ||(१)
गीता के वचन गूँजे ,श्रीराम का वन्दन हो |
वाहे गुरु की कृपा ,गौतम का दर्शन हो ||
चहुँ ओर धरा गूँजे ,जय विजय महारथ की
और धरा पे फिर, मेरी पावन गंगा हो |
जय हो भारत माता ,तेरा ही अर्चन हो ||(२)
-Vikas Vishwa
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