Vikas Vishwa

Tuesday, 21 June 2022

एक शिव हैं जो सबका खयाल रखते हैं||Vikas Vishwa Poetry||New Poetry ||Shay...

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Tuesday, 1 June 2021

बेरोज़गारी

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 "ज़रा मजबूरियां बहुत बेजार बैठे हैं  सितम है वक्त का बेरोजगार बैठे हैं रहम करना ज़रा हम पर सियासत के मेरे लोगों ये डिग्रियां ये नेमते...
Sunday, 23 July 2017

आज़ाद

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अंग्रेज मुझे क्या मारोगे ,खुद की गोली मर जाऊँगा | आज़ाद यहाँ मै आया हूँ ,आज़ाद यहाँ से जाऊँगा || मुझ जैसे हैं कई दिवाने इस भारत की मा...
Wednesday, 14 June 2017

मुक्तक

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अजब दस्तूर है मौला जो माँगू मिल नही पाता | कोई एक दर्द मिटता है तो दूजा मिल ही जाता है|| खुशी की चाह मत करना ये मेरे इस जहां वालों जो जित...
Sunday, 28 May 2017

जय हो

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जय हो भारत माता ,तेरा ही अर्चन हो | ये धरा महक जाये ,मेरा देश सुगन्धा हो || मेरे मन लहरों की ,बस एक तमन्ना है जब मौत मेरी आये, मेरा ध्वजा...
Monday, 22 May 2017

ग्रामीण आँधी -पानी दृश्य

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आलू भौंकी मां धरी रही बनवै के बरे रसोइयां मां | आँधी कै साहस काव कही सब छीट दिहिस अँगनैया मां || पाँड़े कै पंडिया खुली रही मिली नहीं ख...
Sunday, 21 May 2017

मेरा -परिचय

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नाम- विकास विश्व पिता का नाम-श्री दूधनाथ मिश्रा माता का नाम- श्रीमती शुभ लक्ष्मी मिश्रा ग्राम-पितम्बरपुर पोस्ट-शाहगढ़ पिन नं-2...
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About Me

Vikas Vishwa
गढ़ते जा रहे जो नित नए आयाम लिखता हूं भारत के सुपुत्रों को सदा प्रणाम लिखता हूं ऊंचा ही रहे अपना तिरंगा "विश्व" में जमकर सुनहरी लेखनी बनकर मैं हिन्दुस्तान लिखता हूं । — Vikas Vishwa������
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