माँ तेरी ममताओं का विधि -विधान सदी जीवित है
वो गुदरी लगुरी का परिधान सदा जीवित है ||
वो गुदरी लगुरी का परिधान सदा जीवित है ||
कितनी ऊंची मंजिल कितने बडे उपक्रम हों माँ सब तो फीके लगते हैं
तेरे हाथों के सिवा बने सब व्यंजन फीके लगते हैं ||
तेरे आँचल के भीतर माँ सभी दुआयें मिल जाती हैं
माथे के काले टीके से माँ सभी बलायें टल जाती हैं ||
माथे के काले टीके से माँ सभी बलायें टल जाती हैं ||
माँ मै घर आऊँ तो गोदी में लिये सुला देना
थोडी सी थपकी देना थोडी सी लोरी मुझे सुना देना ||
थोडी सी थपकी देना थोडी सी लोरी मुझे सुना देना ||
माँ तेरे ब्रत उपवासों से ब्रम्हाण्ड सदा जीवित है |
तेरे ही ममता-बल से विज्ञान सदा जीवित है ||
तेरे ही ममता-बल से विज्ञान सदा जीवित है ||
माँ तेरी ममताओं का विधि- विधान सदा जीवित है
वो बचपन लगुरी गुदरी का परिधान सदा जीवित है ||
वो बचपन लगुरी गुदरी का परिधान सदा जीवित है ||
युवा ओज कवि कुमार
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